सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Featured post

हाल की पोस्ट

देवनारायणजी ( लोकदेवता )

देवनारायण जी का जन्म मालासेरी डूंगरी, गोठा, आसींद भीलवाड़ा में हुआ  पिताजी का नाम सवाईभोज माता साडू खटाणी जी था  पत्नी पीपल दे (जो जय सिंह जी की पुत्री धार मध्य प्रदेश की थी ) गीत - बगड़ावत  सवारी घोड़ा ले जाकर है  बचपन का नाम उदय सिंह  इनका लालन-पालन देवास मध्य प्रदेश में हुआ  इनको गुर्जर जाति के लोग विष्णु जी का अवतार मानते हैं  गोमूत्र जिसके प्रयोग से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति प्रारंभ की  विनायक के राजा दुर्जन साल को पराजित कर पिता का बदला लेते हुए गाय  आजाद कार्रवाई मंदिर में खींच लिया और छात्र के भोग लगाया जाता है  बाजरे का खींच, इनके मंदिर में ईंटों की पूजा होती है   प्रथम लोक देवता जिस पर फिल्म बनी है  देवनारायण जी की फड पर 2 सितंबर 1992 को डाक टिकट जारी हुआ  2009 में देवनारायण जी की प्रतिमा पर डाक टिकट की घोषणा  वाचन के समय जंतर वाद्य यंत्र का प्रयोग करते हैं  सर्वाधिक लंबी और सबसे छोटी सर्वाधिक चित्रांकन वाली फड़ देवनारायण जी की है  राणा सांगा वह सर प्रताप सिंह जी के इष्ट देव ज...

मेहोजी मांगलिया ( लोकदेवता )

 मेहोजी मांगलिया ( लोकदेवता ) मैं हाजी मांगलिया बोलता क्यों सर नागौर के थे उनका लालन-पालन ओसियां जोधपुर में हुआ था पूजा स्थल बात ही नहीं जोधपुर में है पिताजी गोपाल राव सांखला इन की सवारी किरण काबरा घोड़ा दिन का मेला भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को लगता है जैसलमेर शासक रंग देव के सामने गौ रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए पुजारी मांगलिया राजपूत होता है जिनके वंश की वर्दी नहीं होती है

हड़बूजी सांखला ( लोकदेवता )

 हड़बूजी सांखला ( लोकदेवता ) हड़बूजी सांखला का जन्म बुंदेल नागौर में हुआ था पिताजी में हा जी सांखला गुरु बालीनाथ जी रामदेव जी के मौसेरे भाई थे सवारी इनकी सियार हैं उनके उपनाम सुकून के शास्त्र के ज्ञाता सन्यासी लोक देवता गोसेवक लोक देवता पूर्व सांसद राव जोधा ने हड़बूजी को बैंक की बैलगाड़ी भेंट की थी रामदेव जी के 10 दिन पश्चात हड़बूजी ने इसी गांव में समाधि ली थी बैंक की जोधपुर में हड़बूजी मंदिर का निर्माण महाराजा अजीतसिंह ने करवाया था इनके मंदिर में बैलगाड़ी की पूजा होती है यह अपन गायों की सेवा करने के कारण प्रसिद्ध हुए थे

MCQ - राजस्थान की भौगोलिक स्थिति - Rajasthan Geography

MCQ - राजस्थान की भौगोलिक स्थिति  Rajasthan Geography प्रश्न-   पश्चिमी बालुकामुक्त मरुस्थलीय क्षेत्र (जैसलमेर-बाड़मेर का चट्टानी भाग) में किस काल की अवसादी चट्टानों का बाहुल्य है ? (1) पाषाण युग (2) टरशीयरी व प्लीस्टोसीन युग (3) मध्य पाषाण काल (4) नव पाषाण काल

राजस्थान की नदियां - Rivers Of Rajasthan

1) चम्बल नदी -  इस नदी का प्राचीन नाम चर्मावती है। कुछ स्थानों पर इसे कामधेनु भी कहा जाता है। यह नदी मध्य प्रदेश के मऊ के दक्षिण में मानपुर के समीप जनापाव पहाड़ी (616 मीटर ऊँची) के विन्ध्यन कगारों के उत्तरी पार्श्व से निकलती है। अपने उदगम् स्थल से 325 किलोमीटर उत्तर दिशा की ओर एक लंबे संकीर्ण मार्ग से तीव्रगति से प्रवाहित होती हुई चौरासीगढ़ के समीप राजस्थान में प्रवेश करती है। यहां से कोटा तक लगभग 113 किलोमीटर की दूरी एक गार्ज से बहकर तय करती है। चंबल नदी पर भैंस रोड़गढ़ के पास प्रख्यात चूलिया प्रपात है। यह नदी राजस्थान के कोटा, बून्दी, सवाई माधोपुर व धौलपुर जिलों में बहती हुई उत्तर-प्रदेश के इटावा जिले मुरादगंज स्थान में यमुना में मिल जाती है। यह राजस्थान की एक मात्र ऐसी नदी है जो सालोंभर बहती है। इस नदी पर गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज बांध बने हैं। ये बाँध सिंचाई तथा विद्युत ऊर्जा के प्रमुख स्रोत हैं। चम्बल की प्रमुख सहायक नदियों में काली, सिन्ध, पार्वती, बनास, कुराई तथा बामनी है। इस नदी की कुल लंबाई 965 किलोमीटर है। यह राजस्थान में कुल 376 क...