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मेहोजी मांगलिया ( लोकदेवता )

 मेहोजी मांगलिया ( लोकदेवता ) मैं हाजी मांगलिया बोलता क्यों सर नागौर के थे उनका लालन-पालन ओसियां जोधपुर में हुआ था पूजा स्थल बात ही नहीं जोधपुर में है पिताजी गोपाल राव सांखला इन की सवारी किरण काबरा घोड़ा दिन का मेला भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को लगता है जैसलमेर शासक रंग देव के सामने गौ रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए पुजारी मांगलिया राजपूत होता है जिनके वंश की वर्दी नहीं होती है

हड़बूजी सांखला ( लोकदेवता )

 हड़बूजी सांखला ( लोकदेवता ) हड़बूजी सांखला का जन्म बुंदेल नागौर में हुआ था पिताजी में हा जी सांखला गुरु बालीनाथ जी रामदेव जी के मौसेरे भाई थे सवारी इनकी सियार हैं उनके उपनाम सुकून के शास्त्र के ज्ञाता सन्यासी लोक देवता गोसेवक लोक देवता पूर्व सांसद राव जोधा ने हड़बूजी को बैंक की बैलगाड़ी भेंट की थी रामदेव जी के 10 दिन पश्चात हड़बूजी ने इसी गांव में समाधि ली थी बैंक की जोधपुर में हड़बूजी मंदिर का निर्माण महाराजा अजीतसिंह ने करवाया था इनके मंदिर में बैलगाड़ी की पूजा होती है यह अपन गायों की सेवा करने के कारण प्रसिद्ध हुए थे

गोगाजी ( लोकदेवता )

 गोगाजी ( लोकदेवता ) एकता व सांप्रदायिक सद़भावना का प्रतीक धार्मिक पर्व गोगामेडी (राजस्थान) में गोगाजी की समाधि स्थल पर मेला लाखों भक्तों के आकर्षण का केंद्र है।  मंदिर गोगामेडी ,हनुमानगढ गोगा जी का जन्म ददरेवा चुरु राजस्थान में हुआ था  इनके पिता जी का नाम जेवर सिंह,  माता जी बाछल दे, पत्नी:- केलंम दे   गुरु का नाम गोरखनाथ जी था  इनकी सवारी नीली घोड़ी गोगा बापा  जाति राजपूत और गोत्र चौहान था  मौसेरे भाई अर्जुन सर्जन  शिर्शमेड़ी ददरेवा, चूरू , धूरमेडी हनुमानगढ़ में है  इन के 47 पुत्र, 52 भतीजे   उपनाम  जाहर पीर जी इसका शाब्दिक अर्थ होता है  साक्षात देवता,  जहारवीर,  नागराज का अवतार  गायो के रक्षक  महमूद गजनवी व गोगाजी  का युद्ध का वर्णन कवि महेश जी द्वारा रचित ग्रंथ रावसाल में है, उसी युद्ध में अपने 47 पुत्र को 52 भतीजो  के साथ वीरगति को प्राप्त हुए थे  मंदिर का निर्माण फिरोजशाह तुगलक ने करवाया  यह मकबरे नुमा शैली से निर्मित हैं  प्रवेश द्वार पर बिस्मिल...

राजस्थान के लोक देवता - Rajasthan ke lokdevta

राजस्थान के लोक देवता परिभाषा -   साधारण समाज में जन्म लेकर अपने अच्छे कार्य जिसे गाय की रक्षा करना महिलाओं की रक्षा करना अथवा अपने चमत्कारों के कारण प्रसिद्धि पाने वालों को लोक देवता कहते हैं, इनमें से पंचपीर लोगदेवता में पांच शामिल है पीर -   जी सभी धर्मों के समान रूप से पूजे जाने वाले लोक देवताओं को पंच पीर कहते हैं  जैसे रामदेव जी , गोगाजी , पाबूजी , हड़बूजी , मेहाजी  झुंझारजी  -  वे लोक देवता जो गायों की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त करते हैं उन्हें झुंझारजी कहते हैं  जैसे तेजा जी , बापू जी, गोगा जी इत्यादि खारा मामाजी -  लोक देवता जिन्हें पशु बलि दी जाती है उन्हें खारा मामा कहते हैं  इन्हें बरसात के देवता भी कहा जाते हैं - इनके बेसा या पाडे की बलि दी जाती है नोट:- अगर ऊपर दिए गए लोकदेवताओं के बारे जानने के लिए उनके नाम पर क्लिक करें \ रामदेव जी , गोगाजी , पाबूजी , हड़बूजी , मेहाजी , तेजा जी , खारामामा