सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राजस्थान के लोक देवता - Rajasthan ke lokdevta

राजस्थान के लोक देवता

परिभाषा - 

साधारण समाज में जन्म लेकर अपने अच्छे कार्य जिसे गाय की रक्षा करना महिलाओं की रक्षा करना अथवा अपने चमत्कारों के कारण प्रसिद्धि पाने वालों को लोक देवता कहते हैं, इनमें से पंचपीर लोगदेवता में पांच शामिल है

पीर -

 जी सभी धर्मों के समान रूप से पूजे जाने वाले लोक देवताओं को पंच पीर कहते हैं 

जैसे रामदेव जी, गोगाजी, पाबूजी, हड़बूजी, मेहाजी 


झुंझारजी -

 वे लोक देवता जो गायों की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त करते हैं उन्हें झुंझारजी कहते हैं 

जैसे तेजा जी, बापू जी, गोगा जी इत्यादि


खारा मामाजी -

 लोक देवता जिन्हें पशु बलि दी जाती है उन्हें खारा मामा कहते हैं

 इन्हें बरसात के देवता भी कहा जाते हैं

- इनके बेसा या पाडे की बलि दी जाती है


नोट:- अगर ऊपर दिए गए लोकदेवताओं के बारे जानने के लिए उनके नाम पर क्लिक करें \


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

MCQ 3 - राजस्थान का परिचय (असंगत युग्म - व्याख्या सहित ) - Rajasthan's Introduction

MCQ 4  - राजस्थान का परिचय ( असंगत युग्म -  व्याख्या सहित )  - Rajasthan's Introduction 

MCQ - राजस्थान की भौगोलिक स्थिति - Rajasthan Geography

MCQ - राजस्थान की भौगोलिक स्थिति  Rajasthan Geography प्रश्न-   पश्चिमी बालुकामुक्त मरुस्थलीय क्षेत्र (जैसलमेर-बाड़मेर का चट्टानी भाग) में किस काल की अवसादी चट्टानों का बाहुल्य है ? (1) पाषाण युग (2) टरशीयरी व प्लीस्टोसीन युग (3) मध्य पाषाण काल (4) नव पाषाण काल

मेहोजी मांगलिया ( लोकदेवता )

 मेहोजी मांगलिया ( लोकदेवता ) मैं हाजी मांगलिया बोलता क्यों सर नागौर के थे उनका लालन-पालन ओसियां जोधपुर में हुआ था पूजा स्थल बात ही नहीं जोधपुर में है पिताजी गोपाल राव सांखला इन की सवारी किरण काबरा घोड़ा दिन का मेला भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को लगता है जैसलमेर शासक रंग देव के सामने गौ रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए पुजारी मांगलिया राजपूत होता है जिनके वंश की वर्दी नहीं होती है