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राजस्थान के पशु मेले ! Rajasthan Ke pashu Mele

 
रामदेव पशु मेला 


रामदेव पशु मेला मानसर  (नागौर ) मे लगता है
यह पशु मेला नागौरी नस्ल के लिए प्रसिद्ध है ।
यह मेला मार्ग शुक्ल 1 से माघ पूर्णिमा ( फरवरी ) तक लगता है ।

मल्लीनाथ पशु मेला 


यह पशु मेला तिलवाडा (बाड़मेर) में लगता है । 
यह मेला चेत्र कृष्ण 11 से चैत्र शुक्ल 11 ( अप्रैल ) को लगता हैं । 
यह पशु मेला थारपारकर नस्ल के लिए प्रसिद्ध है । 
राज्य का सबसे प्राचीनतम पशु मेला मल्लीनाथ पशु मेला है जो लूणी नदी के किनारे पर लगता है । 
बजरंग पशु मेला - यह पशु मेला सिणधरी ( बाडमेर ) में लगता है । 

सेवडिया पशु मेला 
यह पशु मेला रानीवाड़ा ( जालौर ) में लगता है । 
यहाँ कांकरेज व मुर्रा नस्ल का क्रय-विक्रय होता है । 
रघुनाथपुरी पशु मेला - यह पशु मेला सांचौर ( जालौर ) में लगता है । 

गोमती सागर पशु मेला 
यह पशु मेला झालरापाटन ( झालावाड ) मालवी में लगता है । 
यह मेला बैशाख शुक्ल 13 से ज्येष्ठ कृष्ण 5 ( मई ) तक लगता है । 

ब्राह्मणी माता का मेला 
यह पशु मेला सोरसण ( बारां ) में लगता है । 
यह पशु मेला गधों के मेले के रूप में प्रसिद्ध है ।  

चंद्रभागा पशु मेला 
यह पशु मेला झालरापाटन ( झालावाड ) में लगता है । 
यह पशु मेला मालवी नस्ल के लिए प्रसिद्ध है । 
चंद्रभागा पशु मेला कार्तिक शुक्ल 11 से मार्गशीर्ष कृष्ण 5 ( नवम्बर ) तक लगता है । 

महाशिवरात्रि पशु मेला 
यह पशु मेला करौली में लगता है । 
यह पशु मेला हरियाणवी नस्ल के लिए प्रसिद्ध है ।
बसंती पशु मेला यह पशु मेला रूपवास ( भरतपुर) में लगता है । 

जसवन्त पशु मेला 
यह पशु मेला भरतपुर में लगता है ।
जसवन्त पशु मेला हरियाणवी नस्ल के लिए प्रसिद्ध है ।
यह मेला आश्विन शुक्ल 5 से 14 तक ( अक्टूबर ) लगता है 

बहरोड़ पशु मेला 
यह पशु मेला अलवर में लगता है ।
यह पशु मेला मुर्रा नस्ल के लिए प्रसिद्ध है ।

गधों का मेला 
यह पशु मेला लूणियावास (जयपुर) में लगता है ।
यह पशु मेला गधों के लिए प्रसिद्ध है ।

गोगामेडी पशु मेला 
यह पशु मेला गोगामेडी ( हनुमानगढ ) में लगता है ।
यह पशु मेला हरियाणवी नस्ल के लिए प्रसिद्ध है ।
गोगामेडी पशु मेला श्रावण पूर्णिमा से भाद्र पूर्णिमा ( अगस्त ) तक लगता है ।
राज्य का सबसे लम्बा पशु मेला गोगामेडी पशु मेला नोहर  हनुमानगढ मे लगता है । 

बलदेव पशु मेला 
यह पशु मेला मेड़ता ( नागोर ) में लगता है ।
यह पशु मेला नागौरी नस्ल के लिए प्रसिद्ध है ।
बलदेव पशु मेला चैत्र शुवल 1 से पूर्णिमा तक ( अप्रेल )लगता है । 

वीर तेजा पशु मेला 
वीर तेजा पशु मेला परबतसर ( नागौर ) मे लगता है ।
यह पशु मेला नागौरी नस्ल के लिए प्रसिद्ध है ।
यह मेला श्रावण पूर्णिमा से भाद्र अमावस्या ( अगस्त ) तक लगता है ।
राजस्थान मे आमदनी की दृष्टि से वीर तेजा जी पशु मेला सबसे बड़ा मेला माना जाता है । 

आमेट का पशु मेला - यह मेला आमेट ( राजसमंद ) में लगता है 

कार्तिक पशु मेला 
यह पशु मेला पुष्कर ( अजमेर ) में लगता है । 
कार्तिक पशु मेला गिर नस्ल के लिए प्रसिद्ध है । 
यह मेला कार्तिक शुक्ल 5 से मार्गशीर्ष 2 ( नवम्बर ) तक  लगता है । 





पुष्कर पशु मेला - यह पशु मेला पुष्कर ( अजमेर) में लगता है । 





चंद्रसेन पशु मेला 
यह पशु मेला टोंक में लगता है । 
Note राजस्थान में सर्वाधिक पशु मेले नागौर में आयोजित किये जाते है ।
राज्य मे सर्वाधिक मेले डूंगरपुर ( 21 ) में लगते है ।

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