सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

लोकदेवता बाबा रामदेव का जीवन परिचय

  लोक देवता बाबा रामदेव का  जीवन परिचय रामदेवजी का ज़न्म बाडमेर के शिव तहसील के ऊडकासमेर गाँव में भाद्रपद शुक्ल दूज (द्वितीया) को हुआ था । रामदेव जी के पिता का नाम अजमाल जी (तंवर वंशीय)   माता का नाम मैणादे था । ये अर्जुन के वंशज माने जाते है  रामदेव जी ' रामसा पीर ', ' रूणीचा रा धणी', "बाबा रामदेव ', आदि उपनामों से भी जाने जाते है । रामदेवजी के गुरू का नाम बालीनाथ था । इनके भाई का नाम बीरमदे था । पत्नी का नाम नेतल्दे था (बाबा रामदेव जी का विवाह अमरकोट (वर्तमान पाकिस्तान मे) सोढा, दलैसिंह की सुपुत्री नैतलदे/निहालदे के साथ हुआ ) रामदेव जी के भक्त रामदेव जी के मेघवाल जाति के भक्त रिखिया कहलाते हैं । हिन्दू रामदेव जी को कृष्ण का अवतार मानकर तथा मुसलमान 'रामसा पीर' के रूप में इनको पूजते है । रामदेवजी के प्रिय भक्त यात्री जातरू कहलाते है । प्रतीक चिन्ह रामदेव जी के प्रतीक चिन्ह के रूप में पगल्वे (चरण चिन्ह) बनाकर पूजे जाते है । रामदेव जी के भक्त इन्हें कपडे का बना घोडा चढाते है । इनकी सवारी नीला घोडा था । जिसका रंग सफेद था । इन्हे कुष्ठ रोग निवार...

राजस्थान के लोक देवता - Rajasthan ke lokdevta

राजस्थान के लोक देवता परिभाषा -   साधारण समाज में जन्म लेकर अपने अच्छे कार्य जिसे गाय की रक्षा करना महिलाओं की रक्षा करना अथवा अपने चमत्कारों के कारण प्रसिद्धि पाने वालों को लोक देवता कहते हैं, इनमें से पंचपीर लोगदेवता में पांच शामिल है पीर -   जी सभी धर्मों के समान रूप से पूजे जाने वाले लोक देवताओं को पंच पीर कहते हैं  जैसे रामदेव जी , गोगाजी , पाबूजी , हड़बूजी , मेहाजी  झुंझारजी  -  वे लोक देवता जो गायों की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त करते हैं उन्हें झुंझारजी कहते हैं  जैसे तेजा जी , बापू जी, गोगा जी इत्यादि खारा मामाजी -  लोक देवता जिन्हें पशु बलि दी जाती है उन्हें खारा मामा कहते हैं  इन्हें बरसात के देवता भी कहा जाते हैं - इनके बेसा या पाडे की बलि दी जाती है नोट:- अगर ऊपर दिए गए लोकदेवताओं के बारे जानने के लिए उनके नाम पर क्लिक करें \ रामदेव जी , गोगाजी , पाबूजी , हड़बूजी , मेहाजी , तेजा जी , खारामामा 

MCQ - कला & संस्कर्ति - ARTS & CULTURE

MCQ - कला & संस्कर्ति   ARTS & CULTURE   Q. रुणीजा गाँव में कौनसे लोक देवता का मंदिर है ? उ. बाबा रामदेवजी Q. मल्लीनाथ का पशु मेला कहाँ लगता है ? उ. तिलवाड़ा, बाड़मेर Q. गोरबंद गीत किस क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय है ? उत्तर- शेखावाटी क्षेत्र Q. ओल्यू गीत कब गाया जाता है ? उत्तर- किसी की याद में Q. चीनी मिट्टी के बर्तनों पर नीले रंग से चित्रण की कला क्या कहलाती है ? उ. ब्ल्यू पॉटरी Q. जीणमाता का मंदिर किस जिले में है ? उ- सीकर Q. पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की प्रधान पीठ कहाँ है ? उ- नाथद्वारा Q. वल्लभ सम्प्रदाय के प्रवर्तक कौन थे ? उ. वल्लभाचार्य Q. जसनाथी संप्रदाय की प्रधान पीठ कहाँ है ? उ. कतियासर Q. निम्बार्काचार्य द्वारा प्रवर्तित निम्बार्क सम्प्रदाय को किस अन्य नाम से जाना जाता है ? उ. हंस सम्प्रदाय से Q. ‘बेलि क्रिसन रुक्मणी री’ पुस्तक के लेखक कौन है ? उ. पृथ्वीराज राठौड़ Q. पृथ्वीराज रासौ के लेखक चंद बरदाई किस शासक के राजकवि व सामंत थे ? उ. अजमेर के पृथ्वीराज राठौड़ के प Q. ्रसिद्ध प्रेमकथा ‘ढोला मारु रा दोहा’ के रचनाकार कौन थे ? उ. कल्लोल Q. कुम्भलगढ़ दु...

MCQ 3 - राजस्थान का परिचय (असंगत युग्म - व्याख्या सहित ) - Rajasthan's Introduction

MCQ 4  - राजस्थान का परिचय ( असंगत युग्म -  व्याख्या सहित )  - Rajasthan's Introduction 

MCQ 2 - राजस्थान का परिचय (व्याख्या सहित ) - Rajasthan's Introduction

MCQ 2 - राजस्थान का परिचय  Rajasthan's Introduction    प्रश्न -  राज्य का वह जिला कौनसा है , जिसकी सीमा सर्वाधिक जिलों से मिलती है ? (1) जयपुर   (2) पाली   (3) अजमेर   (4) भीलवाड़ा   व्याख्या - पाली जिले की सीमा राज्य के 8 जिलों से मिलता है। ये जिले- सिरोही , जालौर , बाड़मेर‌ , जोधपुर , नागौर , अजमेर , उदयपुर व राजसमंद है  प्रश्न -  प्रश्न -   सिरोही रियासत का अधिकांश भाग राजस्थान गठन के छठे चरण में शामिल किया गया। इसके राजस्थान में शामिल करने की स्वीकृति कब मिली थी ? (1)  जनवरी , 1950  (2) 30  मार्च , 1949 (3) 15  मार्च , 1949  (4) 15  मई , 1949      व्याख्या   -  सिरोही रियासत की आबू-दिलवाड़ा तहसीलों को राजस्थानियों के विरोध के बावजूद सरदार पटेल के प्रभाव के कारण बम्बई प्रान्त में मिलाया गया परन्तु राजस्थान के स्वतंत्रता सेनानियों यथा गोकुलभाई भट्ट व अन्यों की पुरजोर मांग के बाद  1  नवम्बर , 1956  को इन्हें राजस्थान में शामिल किया गया।  प्रश्न -...